बिलासपुर- भारतीय शास्त्रीय नृत्य जगत और विशेष रूप से छत्तीसगढ़ के रायगढ़ कथक घराने के लिए एक बेहद गौरवशाली खबर सामने आई है। रायगढ़ कथक घराने के वरिष्ठ कथकाचार्य और पद्मश्री से सम्मानित पंडित रामलाल बरेठ जी को संगीत नाटक अकादमी की सर्वोच्च फैलोशिप “अकादमी रत्न” से सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है। कला के क्षेत्र में यह देश का अत्यंत प्रतिष्ठित और सर्वोच्च सम्मान माना जाता है, जिसे स्वयं महामहिम राष्ट्रपति महोदया द्वारा प्रदान किया जाएगा।

शुक्रवार को बिलासपुर प्रेस क्लब में पंडित रामलाल बड़े और उनके साथियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से रूबरू होते हुए कहां की संगीत नाटक अकादमी की सर्वोच्च फैलोशिप “अकादमी रत्न” से मुझे सम्मानित करने का निर्णय लिया गया है इसके लिए मैं सभी का धन्यवाद करता हूँ।
“रायगढ़ घराने के एकमात्र जीवित दरबारी नर्तक”
पंडित रामलाल बरेठ जी रायगढ़ कथक घराने के एकमात्र जीवित दरबारी नर्तक हैं। उनका जन्म रायगढ़ में हुआ था और उनकी शिक्षा-दीक्षा कलाप्रेमी राजा चक्रधर सिंह एवं उनके पिता पंडित कार्तिक राम जी के कड़े संरक्षण और मार्गदर्शन में हुई। उन्होंने अपने अथक परिश्रम, कठोर साधना और अद्वितीय कला प्रदर्शन के बल पर न केवल देश, बल्कि विदेशों के भी प्रतिष्ठित मंचों पर रायगढ़ कथक घराने को एक नई पहचान दिलाई और इस समृद्ध परंपरा को विश्व पटल पर स्थापित किया।
“कला और शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान”
पंडित रामलाल बरेठ ने अपने दीर्घ कला जीवन में अनेक प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी अमूल्य सेवाएं दी हैं। वे इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय (खैरागढ़) में कई वर्षों तक रीडर के पद पर कार्यरत रहे। इसके बाद, वर्ष 1981 से 2011 तक ‘चक्रधर नृत्य केंद्र’ में गुरु के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने अनेक प्रतिभाशाली शिष्यों को प्रशिक्षित किया, जो आज देश-विदेश में रायगढ़ कथक घराने का नाम रोशन कर रहे हैं।

“अगली पीढ़ी को सौंप रहे हैं विरासत”
पंडित रामलाल बरेठ जी ने अपनी इस समृद्ध कला विरासत को आगे बढ़ाने के लिए अपने पुत्र एवं कथक नृत्याचार्य गुरु भूपेंद्र बरेठ को भी कथक कला में पारंगत किया है। गुरु भूपेंद्र बरेठ वर्तमान में बिलासपुर में ‘कार्तिक कथक नृत्य केंद्र’ का संचालन कर रहे हैं और नई पीढ़ी को कथक नृत्य का प्रशिक्षण देकर रायगढ़ कथक घराने की परंपरा को पूरी निष्ठा के साथ आगे बढ़ा रहे हैं।
“अनेक राष्ट्रीय सम्मानों से हो चुके हैं विभूषित”
पंडित रामलाल बरेठ जी को उनके विशिष्ट योगदान के लिए इससे पहले भी कई बड़े पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है, जिनमें:
मध्य प्रदेश शासन का ‘शिखर सम्मान’
छत्तीसगढ़ शासन का ‘चक्रधर सम्मान’
संगीत नाटक अकादमी का ‘संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार’
भारत सरकार द्वारा वर्ष 2024 में दिया गया ‘पद्मश्री सम्मान’ शामिल है।

“पूरे प्रदेश में हर्ष की लहर”
अब संगीत नाटक अकादमी की सर्वोच्च फैलोशिप “अकादमी रत्न” से सम्मानित होने जा रहे पंडित रामलाल बरेठ जी की यह ऐतिहासिक उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़, विशेष रूप से रायगढ़ एवं बिलासपुर के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान का विषय है।

