छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित बिल्हा विधानसभा क्षेत्र से विद्युत विभाग की एक बड़ी लापरवाही और अकर्मण्यता का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत सेवती में बिजली विभाग की अनदेखी के कारण 28 वर्षीय एक होनहार युवा कोटवार की करंट की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। हद तो तब हो गई जब मृतक का शव घटना के 3 से 4 दिनों बाद बिजली के तार से चिपका हुआ बरामद हुआ। इस घटना से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और विभाग को 7 दिनों के भीतर कार्रवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
ग्राम पंचायत सेवती में पिछले 15 से 17 दिनों से एलटी लाइन का तार टूटकर नीचे गिरा हुआ था। ग्रामीणों का आरोप है कि इसकी लिखित और मौखिक सूचना बिजली विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों और जूनियर इंजीनियर को समय रहते दे दी गई थी। सूचना के बाद लाइनमैन मौके पर पहुंचा जरूर, लेकिन बिना काम किए वापस लौट गया। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कर्मचारी बिना रिश्वत के काम नहीं करते।
विभाग की इसी लापरवाही का नतीजा रहा कि 28 वर्षीय युवा कोटवार टूटे तार की चपेट में आ गया और उसकी अकाल मृत्यु हो गई। घटना के तीन से चार दिनों तक शव तार से ही चिपका रहा, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा।
“विद्युत विभाग की लचर व्यवस्था और अधिकारी-कर्मचारियों की अकर्मण्यता ने एक होनहार युवा कोटवार की जान ले ली है। यदि विभाग समय रहते अपनी जिम्मेदारी निभाता और भ्रष्टाचार न करता, तो आज एक हंसता-खेलता परिवार इस तबाही से बच जाता।”
घटना की जानकारी मिलते ही कांग्रेस नेताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का एक संयुक्त प्रतिनिधिमंडल पीड़ित परिवार के घर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस नेता लक्ष्मीनाथ साहू, पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष सुनील साहू, महेश ठाकुर, संत सर्वे, हेमंत मनहर सहित स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। नेताओं ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी और न्याय मिलने तक लड़ाई लड़ने का भरोसा दिलाया।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने मांग की है कि दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए और क्षेत्र की जर्जर बिजली व्यवस्था को सुधारा जाए।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने शासन और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि 7 दिनों के भीतर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई और पीड़ित परिवार को मुआवजा नहीं दिया गया, तो आगामी 14 अक्टूबर को तिफरा स्थित चीफ इंजीनियर (विद्युत विभाग मुख्यालय) कार्यालय का घेराव किया जाएगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।

