बिलासपुर- छत्तीसगढ़ जल संसाधन विभाग द्वारा 7 अगस्त 2025 को जारी एक आदेश ने प्रदेश के कर्मचारियों में आक्रोश भर दिया है। इस आदेश में 3 वर्ष से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों के स्थानांतरण का प्रस्ताव मांगा गया है, जिसका ‘छत्तीसगढ़ प्रदेश लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ’ ने कड़ा विरोध किया है। संघ ने इस आदेश को नियम विरुद्ध और अव्यवहारिक बताते हुए संबंधित कंडिका को तत्काल विलोपित करने की मांग की है।
“संघ का रुख और मुख्य आपत्तियां”
“GAD के नियमों का उल्लंघन”
सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) के मूल निर्देशों में केवल कर्मचारियों के ‘टेबल परिवर्तन’ की बात कही गई थी। जल संसाधन विभाग ने ‘स्थानांतरण’ शब्द अपनी तरफ से अतिरिक्त जोड़ दिया है। नियम के विपरीत- नियमानुसार 3 वर्ष तक एक स्थान पर पदस्थ रहने पर अधिकारियों का स्थानांतरण प्रस्ताव मांगा जाता है, न कि कर्मचारियों का।
कामकाज प्रभावित होने की आशंका: यदि इस आदेश के तहत सभी कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया, तो विभाग का सुचारू कामकाज पूरी तरह ठप हो जाएगा।
“मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन”
संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और जल संसाधन विभाग के सचिव को पत्र भेजा गया है। मांग की गई है कि जारी आदेश में “कर्मचारी” शब्द के स्थान पर “अधिकारी” शब्द जोड़कर संशोधन किया जाए।
संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस अव्यवहारिक आदेश में शीघ्र संशोधन नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

