बिलासपुर जिला प्रशासन ने अवैध उत्खनन और परिवहन करने वालों के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा और सख्त प्रहार किया है। कलेक्टर के कड़े निर्देशों के बाद जिला प्रशासन, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने मिलकर खनन माफियाओं की कमर तोड़ दी है। जिले भर में चलाए गए विशेष अभियान के तहत कुल 66 मामलों में FIR दर्ज कर आरोपियों को अदालत के कटघरे में खड़ा किया गया है।
इस कार्रवाई की सबसे बड़ी गाज गिरी है ग्राम खैरा डगनिया में अवैध रेत परिवहन करने वाले माफियाओं पर। सीपत थाना क्षेत्र में ट्रैक्टर-ट्रॉली (CG 10 AK 0553) से अवैध रेत ढोते हुए आरोपी जलेश्वर कश्यप और अमर कुमार केंवट को रंगे हाथों पकड़ा गया था।
मामले में माननीय विशेष न्यायाधीश (खान एवं खनिज अधिनियम), बिलासपुर ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को 01 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही भारतीय न्याय संहिता (BNS) और माइनिंग एक्ट के तहत कुल ₹26,000 का अर्थदंड भी लगाया गया है।
जिले के प्रमुख थानों— कोटा, रतनपुर, सीपत, सिविल लाइन, सरकंडा, मस्तूरी, पचपेड़ी, चकरभाठा और हिर्री में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए 66 प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जो फिलहाल न्यायालय में प्रक्रियाधीन हैं। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि कानून की गिरफ्त से कोई माफिया नहीं बचेगा। अवैध उत्खनन या परिवहन करने वालों की न सिर्फ गाड़ियां जब्त होंगी, बल्कि उन्हें सीधा जेल जाना पड़ेगा।
बिलासपुर प्रशासन के इस कड़े रुख से पूरे जिले के खनन माफियाओं की नींद उड़ गई है।

