बिलासपुर- छत्तीसगढ़ में शिक्षकों की पदोन्नति को लेकर लंबे समय से बनी भ्रम की स्थिति अब पूरी तरह साफ हो चुकी है। शिक्षा विभाग द्वारा जारी हालिया स्पष्ट निर्देशों का ‘टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक कल्याण संघ’ ने स्वागत किया है। संघ ने प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के सभी पदों पर प्रमोशन के लिए TET (शिक्षक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को पूरी तरह नियमानुकूल बताया है।
संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश मिश्रा ने स्पष्ट किया कि भारत के राजपत्र 2014, छत्तीसगढ़ के राजपत्र 2026 और सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसलों में पदोन्नति के लिए TET अनिवार्य किया गया है। पहले सही जानकारी न होने के कारण शिक्षक संवर्ग और संगठनों के बीच असमंजस की स्थिति थी, जो अब दूर हो गई है।
“2028 की समय-सीमा का सच”
सितंबर 2028 की डेडलाइन केवल सेवा सुरक्षा (Job Security) के लिए लागू, पदोन्नति का नियम: 2028 से पहले हो या बाद में, प्रमोशन के लिए TET अनिवार्य रहेगा।
राकेश मिश्रा ने सितंबर 2028 की समय-सीमा पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई यह मोहलत केवल शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित रखने के लिए है, प्रमोशन में छूट के लिए नहीं। यानी किसी भी परिस्थिति में बिना TET के प्रमोशन नहीं मिलेगा। गौरतलब है कि शिक्षा विभाग ने पहले 15 अगस्त तक पदोन्नति प्रक्रिया पूरी करने की समय-सारणी तय की थी, लेकिन निर्देशों में स्पष्टता न होने से इसमें देरी हुई। अब टीईटी उत्तीर्ण शिक्षक कल्याण संघ ने संभाग और जिला स्तर पर अटकी पदोन्नति प्रक्रिया को बिना किसी विलंब के तुरंत पूरा करने की मांग की है, ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

