बिलासपुर- आज बिलासपुर के निजी होटल में देश के अन्नदाता किसानों के लिए भारत सरकार द्वारा लाई गई योजना को लेकर एक विशेष कार्यक्रम रखा गया था जिसमें इस योजना को लेकर विस्तार पूर्वक जानकारियां लोगों के समक्ष साझा की गई,
हमारे देश के अन्नदाता, जो दिन-रात खेतों में पसीना बहाते हैं, उनके बुढ़ापे का सहारा अब पेंशन बनेगी, अक्सर रिटायरमेंट की बातें सिर्फ सरकारी नौकरियों तक सीमित रहती थीं, लेकिन अब PFRDA (पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण) एक क्रांतिकारी बदलाव लाया है। ‘नेशनल पेंशन सिस्टम’ (NPS) के जरिए ग्रामीण और कृषि क्षेत्र के लोग मात्र 10 रुपए की बचत से अपनी वित्तीय सुरक्षा सुनिश्चित कर सकते हैं।

केंद्र सरकार की संस्था PFRDA ने NPS के तहत एक विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसका उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के मजदूरों और किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है।
“योजना की प्रमुख विशेषताएं”
मात्र ₹250 से खाता खोलें। इसके बाद प्रतिदिन ₹10 जैसी छोटी राशि भी जमा की जा सकती है साथ ही 60 से 65 वर्ष की आयु के बाद आजीवन मासिक पेंशन की सुविधा, निवेशक के निधन के बाद पेंशन जीवनसाथी को मिलेगी और पूरा फंड (कॉर्पस) बच्चों को सौंप दिया जाएगा।
DGM मनोज तिवारी ने योजना के व्यावहारिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं उन्होंने कहा कि जिनकी आय स्थिर नहीं है, उनके लिए यह वरदान है। एक बार खाता खुलने पर आप अपनी सुविधा के अनुसार पैसे जमा कर सकते हैं। यह फ्लेक्सिबिलिटी ही इस स्कीम की ताकत है।

सरकार का लक्ष्य साल 2047 तक भारत को एक ‘पेंशन समाज’ बनाना है, जहाँ हर बुजुर्ग के पास सम्मान के साथ जीने के लिए अपनी आय हो।
“सुरक्षा और नॉमिनेशन”
निवेश पूरी तरह सुरक्षित है। अनहोनी होने पर नॉमिनी को पूरा लाभ देने का प्रावधान है।
“व्यापक जागरूकता अभियान”
जानकारी घर-घर पहुँचाने के लिए देशभर में 120 से अधिक कार्यक्रम और ‘NPS वैन’ का संचालन किया जा रहा है।
अधिक जानकारी के लिए अपने नजदीकी बैंक या PFRDA की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें।

