बिलासपुर- छत्तीसगढ़ से बिहार के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थल (गया) जाने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों के लिए सीधी ट्रेन सेवा न होना एक बड़ी समस्या बना हुआ है।

से हर साल लाखों लोग अपने पूर्वजों के अंतिम संस्कार, श्राद्ध तर्पण और पिंड दान के लिए गया जाते हैं। हालांकि, वर्तमान में सीधी और नियमित ट्रेन न होने से यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

के न्यू सिटी पार्क कॉलोनी निवासी और एनटीपीसी के सेवानिवृत्त महाप्रबंधक जनार्दन प्रसाद पाल ने इस गंभीर समस्या को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को पत्र लिखा था।

उन्होंने दुर्ग से गया (वाया कटनी जंक्शन, बिलासपुर, प्रयागराज जंक्शन और डेहरी ऑन सून) के लिए एक सीधी नियमित ट्रेन सेवा शुरू करने का अनुरोध किया था।
मुख्यमंत्री कार्यालय से निर्देश मिलने के बाद रायपुर रेल मंडल ने दुर्ग-गया ट्रेन का प्रस्ताव तैयार कर बिलासपुर मुख्यालय भेजा था। प्रस्ताव में स्पष्ट किया गया था कि वर्तमान में उपलब्ध एलटीटी-गया एक्सप्रेस में लंबी वेटिंग लिस्ट रहती है और यात्रियों की मांग की तुलना में ट्रेन सेवाएं अपर्याप्त हैं।

प्रस्ताव भेजे महीनों बीत चुके हैं, लेकिन आरोप है कि बिलासपुर रेल मंडल द्वारा इस पर आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई और मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। जनार्दन प्रसाद पाल ने बताया कि इस ट्रेन सेवा से न केवल आम यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश और बिहार—तीनों राज्यों में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कहा कि “छत्तीसगढ़ के निवासियों को गया जाने के लिए सीधी ट्रेन उपलब्ध नहीं है। पिंड दान या धार्मिक अनुष्ठान के लिए यदि किसी को जाना हो, तो उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। हमने मुख्यमंत्री जी को पत्र लिखा था, जिसके बाद रायपुर रेल मंडल ने प्रस्ताव भेजा था।
महीनों बीत जाने के बाद भी बिलासपुर रेल मंडल इस पर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। हमारी गुजारिश है कि दुर्ग से गया के लिए सीधी ट्रेन सेवा जल्द से जल्द शुरू की जाए।” जब इसपर पत्रकारों ने रेल्वे सीपीआरओ से बात करनी चाहि तो उन्होंने मीटिंग में बैठे होने का बहाना बनाकर अनदेखा कर दिया!

