छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित साइंस कॉलेज मैदान में झूले हटाने के एक महीने बाद भी हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। मेले के झूले तो हटा लिए गए, लेकिन मैदान में छोड़े गए गड्ढे, कचरा और मलबा अब भी जस का तस पड़ा हुआ है।

यह है कि हर रोज यहां पसीना बहाने आने वाले खिलाड़ियों को अभ्यास में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

खिलाड़ियों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि झूले हटने के बाद मैदान की सफाई कराई जाएगी और गड्ढों को भरकर इसे दोबारा खेलने लायक बनाया जाएगा। लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी न तो कॉलेज प्रबंधन की नींद खुली है और न ही नगर निगम प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान दिया है। मलबे और गड्ढों के कारण खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा लगातार बना हुआ है।

आगे नवरात्रि का त्योहार भी शुरू होने वाला है, ऐसे में मैदान के समतलीकरण और सफाई की मांग और तेज हो गई है।
इस पूरे मामले में अब साइंस कॉलेज के प्राचार्य और नगर निगम की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सवाल यह है कि अपनी ही देखरेख वाले मैदान की दुर्दशा पर कॉलेज प्रबंधन मौन क्यों है? वहीं झूले हटवाने के बाद नगर निगम ने मैदान को दुरुस्त करने की जिम्मेदारी से अपना पल्ला क्यों झाड़ लिया?

खिलाड़ियों ने मांग की है कि नगर निगम और कॉलेज प्रशासन आपसी समन्वय बनाकर तुरंत मैदान से मलबा हटवाए और गड्ढों को भरकर मैदान को सुरक्षित बनाए। अब देखना यह होगा कि खबर दिखाए जाने के बाद जिम्मेदार अधिकारी कब तक हरकत में आते हैं।

