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बिलासपुर- ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने दुनिया भर में ऊर्जा संकट की आहट पैदा कर दी है। इसका सीधा असर अब न्यायधानी बिलासपुर की सड़कों पर भी दिखने लगा है। पेट्रोल पंपों पर उमड़ रही भारी भीड़ और लंबी कतारों के बीच अब पत्रकारों के सामने समाचार संकलन का संकट खड़ा हो गया है। इसी समस्या को लेकर गुरुवार को बिलासपुर प्रेस क्लब ने प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है।

बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष “अजित मिश्रा” के नेतृत्व में पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को एसडीएम मनीष साहू से मिला। पत्रकारों ने बताया कि वैश्विक परिस्थितियों के कारण ईंधन की कमी की आशंका से शहर के पेट्रोल पंपों पर आम जनता की भारी भीड़ उमड़ रही है। ऐसे में ग्राउंड जीरो पर जाकर खबरें कवर करने वाले मीडिया कर्मियों को घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है, जिससे महत्वपूर्ण घटनाओं की कवरेज प्रभावित हो रही है।

एसडीएम को सौंपे गए ज्ञापन में स्पष्ट कहा गया है कि पत्रकारिता एक अत्यावश्यक सेवा (Essential Service) है। संकट के इस समय में जनता तक सही जानकारी पहुँचाना पत्रकारों की जिम्मेदारी है, लेकिन ईंधन न मिल पाने के कारण मीडिया कर्मियों को अपने कर्तव्य पालन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
बिलासपुर प्रेस क्लब ने प्रशासन से मांग की है कि शहर के कुछ चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर पत्रकारों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था की जाए।प्रेस कार्ड दिखाने पर मीडिया कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर पेट्रोल-डीजल उपलब्ध कराया जाए।
पेट्रोल पंप संचालकों को इस संबंध में तत्काल दिशा-निर्देश जारी किए जाएं।

इस दौरान बिलासपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष अजित मिश्रा के साथ उपाध्यक्ष विजय क्रांति तिवारी, सहसचिव हरिकिशन गंगवानी, कार्यकारिणी सदस्य कैलाश यादव, पूर्व अध्यक्ष तिलकराज सलूजा, पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र गहवई, वरिष्ठ पत्रकार गणेश विश्वकर्मा, दिलीप अग्रवाल और जफर आगा समेत कई मीडिया कर्मी मौजूद रहे। प्रशासन ने इस संवेदनशील मामले पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन की ओर से कितनी जल्दी निर्देश जारी होते हैं ताकि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ निर्बाध रूप से अपना काम कर सके।

