बिलासपुर- शहर में अंतर्राष्ट्रीय क्षत्रिय वीरांगना संगठन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। भक्ति, शक्ति और संस्कृति के इस अनूठे संगम में महिलाओं ने न केवल अपने अधिकारों की हुंकार भरी, बल्कि फूलों की होली खेलकर आपसी सौहार्द का संदेश भी दिया।
“मुख्य आकर्षण: बच्चों की सहभागिता और स्वागत”
कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष संध्या सिंह चौहान, महामंत्री माया सिंह, जिलाध्यक्ष वर्षा सिंह राणा और उपाध्यक्ष गीता सिंह ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत मधुर स्वागत गीत के साथ हुई।
समाज के नन्हे बच्चों— आस्था, प्रिशा और सूर्यप्रताप सिंह ने मुख्य अतिथियों का स्वागत किया। संगठन का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों में बच्चों को शामिल करने से उनमें बचपन से ही समाज सेवा और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति प्रेरणा जागृत होती है।
“नारी शक्ति पर विशेष संबोधन”
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. नेहा सिंह, लीना सिंह और पार्षद सीमा संजय सिंह ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा महिला दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों और समान अवसरों के लिए आवाज उठाने का दिन है। समाज की प्रगति के लिए महिलाओं की भागीदारी और उनका सशक्तिकरण अनिवार्य है।
फूलों की होली और राधा-कृष्ण की मनमोहक प्रस्तुति
दूसरे सत्र में होली मिलन समारोह का आयोजन हुआ, जिसने पूरे माहौल को वृंदावन के रंग में रंग दिया।
विशेष प्रस्तुति: नन्हीं प्रिशा ने ‘राधा’ और सूर्यप्रताप ने ‘कृष्ण’ के रूप में ऐसी मनमोहक प्रस्तुति दी कि सभी मंत्रमुग्ध हो गए।
श्रद्धा और हर्षोल्लास के साथ भगवान की पूजा-अर्चना की गई और फूलों की होली खेली गई।
“गीत-संगीत और मेल-मिलाप”
मंच का सफल संचालन सरोज सिंह राजपूत ने किया। होली के गीतों और संगीत की महफिल के बीच महिलाओं ने एक-दूसरे को गुलाल लगाकर प्रेम और वात्सल्य का संदेश दिया।
“इनका रहा महत्वपूर्ण योगदान”
इस सफल आयोजन में शशि सिंह, दिव्या, अर्चना, अनुपमा, ज्योति, चंदा, रजनी, लिली, आरती, प्रियंका, प्रगति, राखी, पिंकी, रिंकी, संयुक्ता, सीमा, अलका, कल्पना और शिवानी सिंह सहित संगठन की कई वीरांगनाओं का विशेष सहयोग रहा।

