बिलासपुर। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के संगठनात्मक बदलाव के तहत बिलासपुर में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। रंजेश सिंह क्षत्री को एनएसयूआई बिलासपुर ग्रामीण का नया जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। जिम्मेदारी मिलने के बाद रंजेश सिंह शुक्रवार को रतनपुर पहुंचे और मां महामाया देवी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया।

रतनपुर में मीडिया से बात करते हुए नए जिलाध्यक्ष रंजेश सिंह क्षत्री ने संगठन का आभार व्यक्त किया और कहा कि मिली हुई जिम्मेदारी का वे पूरी निष्ठा और सक्रियता के साथ निर्वहन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिलासपुर ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों और कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को आने वाली हर समस्या के खिलाफ एनएसयूआई मजबूती से आवाज उठाएगी। छात्रों के हक के लिए प्रशासनिक स्तर से लेकर शासन स्तर तक हर संभव पहल की जाएगी।
“छात्रसंघ चुनाव बंद होने से हावी हुई अफसरशाही”
कॉलेजों में बंद पड़े छात्रसंघ चुनावों पर चिंता जताते हुए रंजेश सिंह ने कहा कि चुनाव बंद होने से शैक्षणिक संस्थानों में अफसरशाही हावी हो गई है। अधिकारियों की मनमानी के चलते विद्यार्थियों को दाखिले से लेकर परीक्षा परिणाम तक अनेक समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि छात्रसंघ चुनाव से कॉलेजों में युवा नेतृत्व तैयार होता है और विद्यार्थियों को अपनी बात रखने का सशक्त मंच मिलता है। एनएसयूआई प्रदेश में दोबारा छात्रसंघ चुनाव बहाल कराने के लिए बड़ा प्रयास करेगी।
आरटीई और अंग्रेजी माध्यम नर्सरी कक्षाओं के लिए छिड़ेगी मुहिम
रंजेश सिंह ने गरीब परिवार के बच्चों को समान शिक्षा के अधिकार से वंचित करने के मुद्दों पर भी बेबाकी से बात की। उन्होंने आरटीई (RTE) को नर्सरी स्तर से हटाने और अंग्रेजी माध्यम में नर्सरी कक्षाएं बंद करने जैसे निर्णयों के खिलाफ जल्द ही व्यापक अभियान और आंदोलन शुरू करने की बात कही।
इसके साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि संगठन के काम को गति देने के लिए जल्द ही एनएसयूआई ग्रामीण की नई कार्यकारिणी टीम का गठन कर घोषणा की जाएगी।

