बिलासपुर- छत्तीसगढ़ के बिलासपुर संभाग में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर अब सवाल उठने लगे हैं। मामला सहायक शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़ा है। जहाँ दुर्ग और रायपुर संभागों में व्यायाम शिक्षकों (PTI) की पदोन्नति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहीं बिलासपुर संभाग में योग्य शिक्षक आज भी अपने हक के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं। इसी आक्रोश के बीच छत्तीसगढ़ गवर्नमेंट एम्प्लॉई वेलफेयर एसोसिएशन ने संयुक्त संचालक को ज्ञापन सौंपकर जल्द आदेश जारी करने की मांग की है।

एसोसिएशन के संभागीय अध्यक्ष बसंत जांगड़े के नेतृत्व में शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त संचालक (शिक्षा) से मुलाकात की। उन्होंने आवेदन के माध्यम से अपनी मांगे रखी जिसमें “सहायक शिक्षक (LB) डी.पी.एड./बी.पी.एड. प्रशिक्षित शिक्षकों को व्यायाम शिक्षक के पद पर तत्काल पदोन्नत किया जाने कि बात रखी।”
“प्रदेश के अन्य संभागों में काम पूरा”
दुर्ग संभाग ने नवंबर 2025 और रायपुर ने दिसंबर 2025 में ही पदोन्नति आदेश जारी कर दिए थे।

“प्रक्रिया पूरी, फिर भी देरी”
बिलासपुर संभाग में 1 अप्रैल 2025 की अंतिम वरिष्ठता सूची पहले ही जारी हो चुकी है। शिक्षकों के गोपनीय चरित्रावली और संपत्ति विवरण जैसे तमाम दस्तावेज विभाग के पास जमा हैं।
हैरानी की बात यह है कि 27 मार्च 2026 को विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक हुई, लेकिन इसमें PTI संवर्ग की पदोन्नति पर कोई फैसला नहीं लिया गया।
संघ के अध्यक्ष बसंत जांगड़े का कहना है कि यह बिलासपुर संभाग के शिक्षकों के साथ सीधा भेदभाव है। जब नियम और पात्रता एक समान है, तो बिलासपुर में देरी क्यों? इस देरी से कई योग्य शिक्षक मानसिक और आर्थिक रूप से प्रभावित हो रहे हैं।

ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
मनोज कुमार कुर्रे (संभागीय सचिव)
कमल कुमार खूंटे (उपाध्यक्ष)
बसंत कुमार जोशी, मजनू मिरी और जगदीश डहरिया, शिक्षकों ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द ही पदोन्नति आदेश जारी नहीं हुए, तो वे अपने हक की लड़ाई को और तेज करेंगे। अब देखना यह होगा कि शासन और प्रशासन इस लंबित पदोन्नति पर कब तक निर्णय लेता है।

