बिलासपुर- बुधवार को बिलासपुर के सिम्स ऑडिटोरियम में ‘प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज’ के युवा विंग का भव्य शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ, हालांकि यह आयोजन राजकीय शोक की छाया में रहा। प्रदेश के वरिष्ठ साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल जी के निधन के कारण उपमुख्यमंत्री अरुण साव और कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम सहिंत कई विधायक कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके, लेकिन समाज के वरिष्ठ दिग्गजों की मौजूदगी ने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने बाबा गुरु घासीदास जी के शैल चित्र पर मोमबत्ती जलाकर प्रदेश की सुख शांति की कामना की।
“श्रद्धांजलि और मौन धारण”

कार्यक्रम की शुरुआत दिवंगत साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल जी को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई। उपस्थित जनसमूह ने 2 मिनट का मौन रखकर उन्हें नमन किया। इसके बाद, राजकीय शोक की मर्यादा का पालन करते हुए कार्यक्रम को सादगी और अनुशासन के साथ आगे बढ़ाया गया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित मुंगेली विधायक और पूर्व मंत्री पुन्नूलाल मोहले जी ने अपने चिर-परिचित अंदाज में नई टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि “प्रगतिशील समाज ने बहुत कम समय में विकास की जो नींव रखी है, वह प्रशंसनीय है।”

“विधायक दिलीप लहरिया और महापौर पूजा विधानी का उद्बोधन”
मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने बाबा गुरु घासीदास और बाबा साहब अंबेडकर के संदेशों पर जोर देते हुए समाज को संगठित रहने का आह्वान किया। वहीं, बिलासपुर महापौर पूजा विधानी ने समाज के ‘प्रगतिशील’ शब्द की सार्थकता बताते हुए कहा कि समाज को सशक्त बनाने के लिए वे हमेशा सहयोग हेतु तत्पर रहेंगी। उन्होंने भावुक होकर बाबा जी के जयकारे भी लगाए।

“डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी का विशेष आमंत्रण”
पूर्व मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने न केवल टीम की प्रशंसा की, बल्कि एक अनूठी पहल करते हुए सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को 31 दिसंबर को अपने निवास पर ‘सम्मान भोज’ के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि साथ भोजन करने से आपसी प्रेम और एकता बढ़ेगी।

“सम्मान समारोह और अध्यक्ष का वक्तव्य”
इस दौरान समाज के होनहारों का बोलबाला रहा। UPSC में बेहतर रैंक लाने वाले छात्रों और Ph.D. डिग्री धारक युवाओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। प्रदेश अध्यक्ष एल.एस. कोसले ने स्पष्ट किया कि संगठन का मुख्य लक्ष्य अब युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और समाज को गांव-गांव तक जोड़ना है।

राजकीय शोक के कारण शासन के बड़े चेहरे भले न दिखे हों, लेकिन समाज की इस एकजुटता ने बता दिया कि प्रगतिशील सतनामी समाज अब एक नई दिशा में कदम बढ़ा चुका है। नवनियुक्त पदाधिकारियों के कंधों पर अब समाज के उज्ज्वल भविष्य की जिम्मेदारी है।
तो वहीं संरक्षक डॉ. बसंत अंचल व जिला अध्यक्ष महेंद्र कुमार भारद्वाज ने कहा कि वरिष्ठ साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल जी के निधन को लेकर कहा कि भले ही अतिथि एवं समाज अन्य लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए यदि उनकी मौजूदगी होती तो यह कार्यक्रम और भव्य होता, डॉ. अंचल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी का धन्यवाद किया और कहा कि प्रगतिशील परिवार सदैव भी समाज के विकास के लिए तत्पर खड़ी है।
“जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठों व उपस्थित लोगों के नाम।”
पुन्नूलाल मोहले (पूर्व मंत्री एवं मुंगेली विधायक) ,दिलीप लहरिया (मस्तूरी विधायक), डॉ. सनम जांगड़े (पूर्व विधायक, बिलाईगढ़), डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी (पूर्व विधायक, मस्तूरी), पूजा विधानी (महापौर बिलासपुर),
एल. एल. कोसले (प्रदेश अध्यक्ष, प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज), सुभाष परते (प्रदेश अध्यक्ष, आदिवासी समाज), सी. पी. जांगड़े (प्रदेश अध्यक्ष, विधि प्रकोष्ठ)
संरक्षक डॉ, बसंत अंचल,

“कार्यक्रम में उपस्थित अन्य गणमान्य नागरिक”
गोविंदराम गिरी, चंपा देवी गेंदले, के. आर. जनार्दन, रामनारायण भारद्वाज, अमृत डहरिया, दिनेश बंजारे, प्रदीप श्रृंगी, नारायण लाल कुर्रे, विजय तांडे, मनहर, जयंत मनहर, सत्येच सुंटे, दिनेश लहरे (मंच संचालक), कमल डहरिया, अरुण भार्गव, एस. एल. निराला, महेंद्र भारद्वाज जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ, डी एल डहरिया जिला अध्यक्ष वरिष्ठ, एस आर जोशी सचिव वरिष्ठ, मुकेश जांगड़े सचिव युवा प्रकोष्ठ, उषा भास्कर, नंदकुमार मधुकर, के. डी. घृतेश, डॉ. वसंत रामेश्वर गायकवाड़, जी. पी. भास्कर, मुलचंद सुंटे, सी. डी. लहरे, के. आर. दयाल, सरस्वति कीसरिया, मोतीलाल खुटे, ओमप्रकाश सूर्या, राजेन्द्र डहरिया, प्रशांत कुरें, राजेन्द्र कोशले, प्रमोद बंजारे, जितेन्द्र कुर्रे, नितेश मिरी, सोमेन्द्र बंजारे, विश्वजीत राय, धर्मेश बघेल, हितेश जोशी, अमित पाटले।

सुभाष परते (प्रदेश अध्यक्ष आदिवासी समाज ) ,अनुज प्रधान, दुर्गेश सोनी, हनी सूर्या, मीनू, सुखनंदन बघेल, आकाश डहरिया, अनुज डहरिया, टुकेश्वर बंजारे, एस. आर. शर्मा, दिलीप नवरंग, गुहा राम खुटे, सुखसागर ओगर, मोनू कश्यप, ईश्वर भारती, प्रीति बाला आडील, सीजी टंडन, रितु कुर्रे, बबलू त्रिवेंद्र, ओमेश्वरी गिलहरे, उदय बंजारे, नरेंद्र श्रीवास, तरुण प्रवीन, राजेश डहरिया, बल्लू जांगड़े, गुलशन टंडन।

