बिलासपुर- बिलासपुर का साइंस कॉलेज मैदान इन दिनों व्यापार, मनोरंजन और सामाजिक सरोकारों की चमक से सराबोर है। बीएनआई बिलासपुर द्वारा आयोजित ‘व्यापार एवं उद्योग मेला 2026’ न केवल उद्योगों को मंच दे रहा है, बल्कि समाज के हर वर्ग को एक सूत्र में पिरो रहा है। 29 जनवरी से शुरू हुआ यह मेला अब अपने शबाब पर है, जहाँ शनिवार को रिश्तों की मिठास और युवाओं के टैलेंट का अनूठा संगम देखने को मिला।

शनिवार को मेले का सबसे भावुक और प्रेरणादायक पल रहा ‘आदर्श दंपत्य सम्मान’। मंच पर उन 10 जोड़ों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने वैवाहिक जीवन के सफल 50 वर्ष पूर्ण कर लिए हैं।
प्रमुख नाम: सुल्तानिया, त्रिहान, गॉटलिब, सिंह, कक्कड़, पाठक, पांडेय, गुरुदीवान, श्रीवास्तव और शर्मा परिवारों के वरिष्ठ दंपतियों को सम्मानित कर नई पीढ़ी को रिश्तों की अहमियत समझाई गई। उन्हें 5 हजार रुपये के कूपन भी भेंट किए गए।

युवाओं के लिए आयोजित ग्लैमोरा और आईआईएफटी सीजन 3.0 में शहर का ग्लैमर देखने को मिला। रैंप वॉक के जरिए मिस्टर और मिस बिलासपुर का चयन किया गया। जज की भूमिका में मिस यूनिवर्स छत्तीसगढ़ डॉ. अंजली पवार और इंटरनेशनल एथलीट रोहन शाह मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने बीएनआई की प्रशंसा करते हुए कहा— “यह सिर्फ धन कमाने का नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकार कमाने का मंच है।” वहीं संभागीय आयुक्त सुनील जैन ने 25 वर्षों की इस शानदार परंपरा को सराहनीय बताया।

कुलपति डॉ. एडीएन वाजपेयी ने इसे ‘संयुक्त समृद्धि’ का रूप दिया, तो डॉ. अरविंद तिवारी ने स्वदेशी उत्पादों के महत्व पर जोर दिया।
“आज क्या होगा खास”
अगर आप आज यानी रविवार को मेले में जाने का प्लान बना रहे हैं, तो तैयार हो जाइए इन बड़े आयोजनों के लिए:
हेल्दी बेबी प्रतियोगिता: नन्हे बच्चों का स्वास्थ्य और उनकी मुस्कान।
कला का प्रदर्शन: महिलाओं के लिए मेहंदी और रंगोली प्रतियोगिता।
इंटर स्कूल डांस: 20 से अधिक स्कूलों के बीच कड़ा मुकाबला।
स्पेशल एचीवमेंट अवार्ड: बिलासपुर के उन 12 बच्चों का सम्मान जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर जिले का नाम रौशन किया।
सामाजिक पहल: ब्लाइंड स्कूल (शक्ति) के बच्चों द्वारा विशेष प्रस्तुति।

सामाजिक सरोकार – रक्तदान और नेत्रदान]
बीएनआई बिलासपुर के डायरेक्टर किरण पाल जी ने मानवता का संदेश देते हुए कहा कि मेला केवल व्यापार तक सीमित नहीं है। यहाँ नेत्रदान, देहदान और रक्तदान शिविर के जरिए समाज को जागरूक किया जा रहा है, जो मानवता की सच्ची सेवा है।

इस मेले में सैकड़ो स्टाल लगे हुए हैं जिसमें तरह-तरह के चीजें मिल रही है तो वहीं एक स्टाल ऐसा भी लगा है जिसमें पैरा से बना महापुरुषों के
अद्भुत आर्ट देखने को मिला जिसमें गौतम बुद्ध, महात्मा गांधी, डॉ भीमराव अंबेडकर और विभिन्न कला पैरा ने बनाया गया है,

10 से ज्यादा प्रकार के झूले, लजीज फूड स्टॉल्स और रियल एस्टेट से लेकर लाइफस्टाइल तक की विशाल रेंज के साथ यह मेला 3 फरवरी तक चलेगा।

