बिलासपुर- सोशल मीडिया पर किसी भी समाज या वर्ग के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करना अब भारी पड़ सकता है। गरियाबंद जिले से एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां एक युवक द्वारा सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया है।
पूरा मामला गरियाबंद जिले के अमलीपदर क्षेत्र का है। यहाँ के निवासी एक युवक, जिसका नाम संस्कार बताया जा रहा है, उसने अपने फेसबुक अकाउंट से एक वर्ग विशेष के विरुद्ध अत्यंत अभद्र और अश्लील टिप्पणी पोस्ट की थी। जैसे ही इस विवादित पोस्ट की जानकारी रूढ़िजनक परंपरा आधारित सर्व आदिवासी समाज जिला बिलासपुर (छत्तीसगढ़) इकाई को हुई, समाज में भारी आक्रोश फैल गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सर्व आदिवासी समाज ने तुरंत संज्ञान लिया और आरोपी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई व एट्रोसिटी एक्ट के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के लिए जिला पुलिस अधीक्षक (SP) बिलासपुर को एक ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन मिलते ही बिलासपुर पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लिया। उनके निर्देश पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय प्रभारी ने तुरंत गरियाबंद के संबंधित थाना अमलीपदर प्रभारी को त्वरित और उचित कार्रवाई के लिए निर्देशित किया।
अमलीपदर पुलिस ने बिना वक्त गंवाए आरोपी संस्कार के खिलाफ एट्रोसिटी एक्ट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया और उसे फौरन गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
सोशल मीडिया पर नफरत फैलाने वाले के खिलाफ पुलिस द्वारा की गई इस त्वरित और कड़ी कार्रवाई पर सर्व आदिवासी समाज (युवा प्रभाग) छत्तीसगढ़ ने खुशी जाहिर की है। समाज के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ पुलिस प्रशासन के प्रति अपना आभार व्यक्त किया है और कहा है कि इस तरह की कार्रवाई से समाज में शांति और सौहार्द बिगाड़ने वाले तत्वों को कड़ा संदेश जाएगा।
यह घटना हमें सचेत करती है कि सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी से करें, अन्यथा एक गलत पोस्ट आपको सीधे जेल की हवा खिला सकती है।

