बिलासपुर- बिलासपुर में अपनी लंबित मांगों को लेकर एक बार फिर वाहन चालकों ने हुंकार भरी है। ‘वाहन चालक कल्याण संघ एवं समिति’ के बैनर तले आज सैकड़ों चालकों ने भारत माता स्कूल के सामने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। चालकों का आरोप है कि रेलवे और ठेकेदार ने 2 साल पहले किए गए वादों को ठंडे बस्ते में डाल दिया है, जिससे नाराज होकर उन्हें दोबारा सड़क पर उतरना पड़ा।

रेलवे परिछेत्र के भारत माता स्कूल के सामने आज का नजारा कुछ बदला हुआ है, जिले भर के वाहन चालक काम बंद कर धरने पर बैठ गए, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 2 साल पहले जब उन्होंने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) जोन ऑफिस के सामने धरना प्रदर्शन किया था तब प्रशासन और ठेकेदार ने जल्द मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया था। लेकिन 2 साल बीत जाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
“वाहन चालकों की मुख्य मांगें कुछ इस प्रकार हैं”
वेतन ₹17,000 से बढ़ाकर ₹20,000 किया जाए।
ओवरटाइम ड्यूटी का अलग से भुगतान और स्पष्ट नियम।
PF (भविष्य निधि) और मेडिकल सुविधा का अनिवार्य लाभ।
वेतन भुगतान के लिए एक निश्चित तारीख तय हो।
कार्य करने के घंटों का निर्धारण किया जाए।
वाहन चालकों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित न किया जाए।
वाहन चालकों ने कहां की “हमने पिछली बार भी भरोसा किया था, लेकिन अब हमारे सब्र का बांध टूट चुका है। जब तक लिखित में ठोस आदेश नहीं आता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।”
इस पूरे मामले में जब मीडिया ने संबंधित ठेकेदार योगेश बंजारे से बात की, तो उन्होंने अपनी असमर्थता जताते हुए पल्ला झाड़ लिया। ठेकेदार का कहना है कि उन्होंने रेलवे के सामने यह विषय रखा था, लेकिन रेलवे पुराने टेंडर नियमों के तहत ही भुगतान की बात कह रहा है। हालांकि, गौर करने वाली बात यह है कि ठेकेदार द्वारा अपनी बातों की पुष्टि के लिए कोई आधिकारिक दस्तावेज मीडिया को नहीं दिखाए गए, अब देखना यह होगा कि क्या रेलवे प्रशासन और ठेकेदार इन चालकों की जायज मांगों पर गौर करते हैं या फिर यह विरोध प्रदर्शन आने वाले दिनों में और उग्र रूप लेगा।

