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बिलासपुर- लंबे समय से बिलासपुर रेल्वे स्टेशन के आसपास 1 से 2 किलोमीटर के छेत्र में फैले रेल्वे कॉलोनी के लोग सड़क की जर्जर हालत से परेशान हैं कई बार इसके लिए रेल्वे अधिकारियों को अवगत कराया गया है लेकिन फिर भी अभी तक सड़क बन नहीं पाई है लोग अच्छी सड़क के लिए तरस रहे हैं । पूरे भारत में सर्वाधिक कमाई बिलासपुर जोन से होती है लेकिन रेल्वे क्षेत्र में रहने वाले लोग एक अच्छी सड़क के लिए तरसते देखे जा सकते हैं।

इसपर पूर्व पार्षद और कोरबा विधानसभा प्रभारी भाजपा नेता व्ही रामा राव ने चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि शहर के विस्तार के साथ ही रेल्वे कॉलोनी के दोनों ओर बसाहट बढ़ी है। इस क्षेत्र में बुधवारी बाजार, रेल्वे स्टेशन और कई स्कूल एवं मंदिर स्थापित है। इस कारण से शहर के लोगों की भी आवाजाही यहां से होती है। इन सड़कों का इस्तेमाल केवल रेल्वे क्षेत्र के लोग ही नहीं करते बल्कि पूरे शहर की आवाजाही यहां से होती है, लेकिन यहां की सड़कों को लेकर रेल्वे के अधिकारी गंभीर नहीं है।
रेल्वे क्षेत्र की अधिकांश सड़के जर्जर हो चुकी है। मुख्य सड़कों पर भी बड़े-बड़े गड्ढे देखे जा सकते हैं। चाहे वह तितली चौक के पास हो या फिर बड़ा गिरजा चौक क्षेत्र। व्यापार विहार से बिलासपुर रेल्वे स्टेशन को जोड़ने वाली सड़क पर भी गड्ढे मौजूद है। सेंट्रल स्कूल क्षेत्र की सड़क भी जर्जर हो चुकी है। यही हाल लगभग सभी सड़कों का है । बुधवार बाजार क्षेत्र में आरपीएफ कॉलोनी से आंध्र स्कूल जाने वाली सड़क तो कब की खत्म हो चुकी है । आरपीएफ कॉलोनी में रहने वाले लोगों के अलावा बुधवारी बाजार जाने वाले लोग और खासकर आंध्र समाज स्कूल में जाने वाले सैकड़ो बच्चे इसी सड़क से होकर जाते हैं। यहां सड़क नाम मात्र को बची है , जीर्ण शीर्ण सड़क से गुजरने के दौरान हर वक्त हादसे की आशंका बनी रहती है।

मुख्य सड़कों के साथ रेल्वे कॉलोनीयों के बीच से गुजरने वाली सड़कों का भी यही हाल है। काफी समय पहले रेलवे अधिकारियों ने रेल्वे कॉलोनी में प्रवेश के सभी मार्गों को बंद कर उसमें लोहे का एंगल लगा दिया था, जिसका पूर्व पार्षद व्ही रामा राव समेत तमाम लोगों ने विरोध किया था। इस मुद्दे को लेकर रेल अधिकारियों से चर्चा भी हुई थी और इन्हें हटाने पर सहमति भी बनी थी। बावजूद इसके आज तक इन्हें हटाया नहीं गया है। रेल्वे कॉलोनी की इन्ही सड़कों से होकर बच्चे स्कूल जाते हैं तो वही रेल्वे कर्मचारी भी अपने कार्यालय, अस्पताल और बुधवारी बाजार जाते हैं। इनके मुहाने बंद कर दिये जाने से उन्हें लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है तो वहीं मुख्य सड़क पर जाने की वजह से हादसे की भी आशंका गहरा रही है। व्ही रामा राव ने मीडिया के साथ चर्चा करते हुए बताया कि इन दिनों दुर्गा पूजा का आयोजन हो रहा है। इस अवसर पर रेल्वे क्षेत्र में कई स्थानों पर बड़े आयोजन की जा रही है साथ ही नॉर्थ ईस्ट इंस्टिट्यूट रेल्वे मैदान में रावण दहन किया जाएगा, जिसे देखने हजारों लोग पहुंचेंगे। लोगों को इन जर्जर सड़कों की वजह से काफी परेशानी हो रही है , इसलिए राव ने दुर्गा पूजा और दशहरा से पहले ही इन सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण की मांग की है।

उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर वे रेल्वे के बड़े अधिकारियों से भी जल्द ही मुलाकात कर चर्चा करेंगे । राव ने आगे कहा कि जब तक वे रेल्वे क्षेत्र के पार्षद थे तब तक वे लगातार अधिकारियों से संपर्क कर इन समस्याओं का निराकरण कराते रहे हैं लेकिन वर्तमान में स्थानीय प्रशासन और रेल्वे अधिकारियों के बीच सामंजस्य न होने से इसका खामियाजा आम लोगों को उठाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रेल्वे क्षेत्र की जर्जर सड़कों की वजह से आम शहर वासियों को ही नहीं बल्कि स्वयं रेलवे के कर्मचारियों को भी परेशानी हो रही है।

एक तरफ रेल्वे क्षेत्र से गुजरने वाली अधिकांश सड़के बदहाल है तो वही रेल्वे के बड़े अधिकारियों के बंगलो के आसपास चमचमाती सड़क देखी जा सकती है। इससे ही समझा जा सकता है कि रेलवे के अधिकारी किस तरह से अपने कर्मचारियों से भेदभाव कर रहे हैं। इसे लेकर व्ही रामा राव ने गहरी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि अगर समय रहते रेलवे की सड़कों को नहीं सुधारा गया तो आंदोलन की जायेगी।

