बिलासपुर । संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जाने वाली अन्नपूर्णा मुहिम के तहत बुधवार को बिलासपुर के सरकंडा क्षेत्र के जोरापारा में निवासरत कविता महंत जी जो कि अपनी एक पुत्री के साथ एक किराए के मकान पर रहती है जिन्हें शारीरिक रूप से कमर वह पैर में तकलीफ होने के कारण आजीविका करने में समस्या हो रही थी।
इससे उन्होंने संत रामपाल जी महाराज जी के अन्नपूर्णा मुहिम के तहत उन्हें दैनिक आवश्यकता कि चीजें जैसे पंखे, पलंग , गैस चूल्हा, सिलेंडर राशन की सामग्री आदि मुहैया कराई गई जिससे उन्होंने संत रामपाल जी को बहुत-बहुत धन्यवाद देते हुए उनके इस मुहिम की सराहना की और धन्यवाद दिया।

इसी कड़ी में बिलासपुर सीपत के अंतर्गत आने वाले ग्राम कौवाताल में एक विधवा महिला सरस्वती बाई सूर्यवंशी जिनकी तीन संताने हैं और पति की गंभीर बीमारी के दौरान मृत्यु हो चुकी है जिन्हें पति की मृत्यु उप्रांत जीवन यापन करने परिवार का भरण पोषण करने में अत्यंत कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था ।
घर परिवार रिश्तेदार सबने धीरे-धीरे इनके साथ दूरियां बना ली। इसी बीच संत रामपाल जी महाराज जी के अनुयाई के द्वारा सरस्वती को अन्नपूर्णा मुहीम की जानकारी हुई इस मुहिम के तहत संत जी से गुहार लगाई और अपने परेशानियों को बताया तो संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के तहत इन्हें तुरंत ही इनकी पारिवारिक आवश्यकताओं को देखते हुए घरेलू व राशन की सामग्री 31 जुलाई 2025 को प्रथम बार इनको प्रदान किया गया था परंतु आज दिनांक 26 अगस्त 2025 को दूसरी बार इस परिवार को अन्नपूर्णा मुहिम की लाभ देते हुए दूसरी बार खाद्य सामग्री एवं राशन सामग्री का लाभ पहुंचाया गया संत रामपाल जी महाराज जी के द्वारा पूरे विश्व में यह मुहिम चलाई जा रही है।
अन्नपूर्णा मुंहीम के तहत संत रामपाल जी महाराज जी का नारा है की “रोटी कपड़ा शिक्षा और मकान हर गरीब को देगा कबीर भगवान” इसमें योग्य निर्धन, असहाय, बुजुर्ग , असक्त एवं रोगी परिवार को जीवन पर्यंत तक के दवाई राशन और जीवनोपयोगी चीजे बच्चों की शिक्षा की उपयोग की चीज अन्य निःशुल्क प्रदान कराई जाती है।
इसी तरह बिलासपुर जिले में विभिन्न ब्लाकों में अलग-अलग जगहों में योग्य जरूरतमंद परिवार को इस मुहिम का लाभ दिया जा रहा है। संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाए जा रहे अन्नपूर्णा मुहिम को पूरे देश में सराहा जा रहा है।
दान और धर्म आध्यात्म की बात करें तो संत रामपाल जी महाराज सबसे बड़े दानी सिद्ध हो रहे हैं। इस सेवा को करने में जगत दास महंत संभाग सेवादार ,हीरा राम साहू, दशरथ केवट ,सिद्धनाथ मानिकपुरी, रामकुमार साहू ,अभिषेक शास्त्री, संजय केवट, लव केवट एवं अनुयाईयों का योगदान रहा।

