बिलासपुर। न्यायधानी बिलासपुर में आस्था, परंपरा और लोक संस्कृति का सबसे बड़ा महापर्व ‘छठ पूजा’ को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। शहर में पिछले 26 वर्षों से छठ घाट पर सामूहिक रूप से छठ महापर्व मनाया जा रहा है। इस वर्ष भी आयोजन को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पाटलिपुत्र संस्कृति विकास मंच, भोजपुरी समाज, सहजानंद सरस्वती समाज और छठ माता के भक्तों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से छठ पूजा समिति का गठन किया गया है।
“नई समिति और मुख्य पदाधिकारी”
व्ही. एन. झा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से प्रवीण झा को समिति का अध्यक्ष और विनोद सिंह को सचिव चुना गया। आयोजन के सफल संचालन के लिए कार्यकारिणी की घोषणा की गई, कार्यकारी अध्यक्ष- डॉ. धर्मेंद्र कुमार दास, उपाध्यक्ष- सुधीर झा, ए. के. कंठ, लव कुमार ओझा, राम प्रताप सिंह,
कोषाध्यक्ष- डॉ. कुमुद रंजन सिंह,
सहसचिव- रौशन सिंह, धनंजय झा, प्रशांत सिंह,
कार्यालय सचिव- हरिशंकर कुशवाहा, दिलीप चौधरी, राकेश दीक्षित,
आयोजन को मार्गदर्शन देने के लिए एस. पी. सिंह, व्ही. एन. झा, आर. पी. सिंह, अशोक झा, एस. के. सिंह, विजय ओझा और अभय नारायण राय का संरक्षक मंडल बनाया गया है
“13 से 16 नवंबर तक चलेगा चार दिवसीय अनुष्ठान”
बिलासपुर में छठ पर्व का चार दिवसीय कार्यक्रम 13 से 16 नवंबर 2026 तक निम्नानुसार रहेगा, दिनांक,
“तिथि व अनुष्ठान विशेष आयोजन”
13 नवंबर 2026 नहाय-खाय महापर्व का शुभारंभ एवं माता अरपा की भव्य महाआरती,14 नवंबर 2026 खरना व्रतियों का निर्जला उपवास व प्रसाद निर्माण,15 नवंबर 2026 संध्या अर्घ्य अस्ताचलगामी (डूबते) सूर्य को प्रथम अर्घ्य, 16 नवंबर 2026 प्रातः अर्घ्य उदीयमान (उगते) सूर्य को अर्घ्य व पारण के साथ समापन,
1 नवंबर को खुलेगा पूजा कार्यालय
तैयारियों में तेजी लाने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 1 नवंबर 2026 को सुबह 11 बजे अर्पा छठ घाट पर समिति के कार्यालय का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा।
बिलासपुर की 26 साल पुरानी यह सामूहिक परंपरा शहर की सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।

