बिलासपुर, छत्तीसगढ़- ‘मूकनायक’ का तृतीय राष्ट्रीय पत्रकार अधिवेशन-2026 छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 22 अक्टूबर दिन गुरुवार को बेहद गरिमामय, उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायी माहौल में संपन्न हुआ। इस राष्ट्रीय आयोजन में देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे पत्रकारों, संपादकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों और विशिष्ट अतिथियों ने बड़ी संख्या में शिरकत की। अधिवेशन का मुख्य केंद्रबिंदु पत्रकारिता के सामाजिक दायित्व, संवैधानिक मूल्यों की रक्षा, लोकतंत्र की मजबूती, शिक्षा का प्रसार और वंचित वर्गों की आवाज को बुलंद करना रहा।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर को नमन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ भारत रत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलन और संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक पाठ के साथ हुआ। इस दौरान स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व और न्याय के मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई गई। मूकनायक छत्तीसगढ़ प्रभारी कमलेश लवहात्रै ने कार्यक्रम के प्रथम चरण का संचालन किया, जबकि एसईसीआर मजदूर कांग्रेस के जोनल प्रतिनिधि कृष्ण कुमार ने स्वागत उद्बोधन किया,
तुषार गायकवाड़ का उद्बोधन बना अधिवेशन की प्रेरक धुरी
अधिवेशन के दौरान मूकनायक के प्रधान संपादक तुषार गायकवाड़ का प्रेरणादायी उद्बोधन सबसे बड़ा आकर्षण रहा। उन्होंने पत्रकारों को संबोधित करते हुए पत्रकारिता को केवल समाचार प्रकाशन का जरिया न मानकर सामाजिक परिवर्तन, जनहित और लोकतांत्रिक चेतना का सशक्त आधार बताया। उन्होंने निष्पक्षता, विश्वसनीयता, संवेदनशीलता और संवैधानिक प्रतिबद्धता को जिम्मेदार पत्रकारिता की नींव बताते हुए सत्य के प्रति निष्ठावान रहने का आह्वान किया। उनके इस ओजस्वी संबोधन ने उपस्थित सभी पत्रकारों में नई ऊर्जा और जिम्मेदारी का संचार किया।
लोकतंत्र, शिक्षा और जनजागरूकता पर मंथन
अधिवेशन के विभिन्न सत्रों में वक्ताओं ने अपने विचार साझा किए:
प्रफुल्ल गेडाम ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का प्रभावी माध्यम बताते हुए जागरूक समाज के निर्माण में पत्रकारिता की भूमिका रेखांकित की।
पुलिस अधिकारी रामगोपाल करियारे ने सुचारु यातायात व्यवस्था और नागरिक अनुशासन पर चर्चा की।
जनसंपर्क विभाग के संयुक्त संचालक धनंजय राठौर ने समाचारों की विश्वसनीयता और तथ्यपरक जानकारी पर प्रकाश डाला।
डॉ. मयंक मेश्राम ने रक्तदान महादान अभियान से पत्रकारिता को जोड़ने का संदेश दिया।
‘शांति शिक्षा’ और ‘Peace Education’ पुस्तकों का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान शिक्षाविद् एवं लेखिका डॉ. स्वाति जाजू की हिंदी पुस्तक ‘शांति शिक्षा’ तथा अंग्रेजी पुस्तक ‘Peace Education’ का भव्य विमोचन किया गया। इस प्रस्तुति ने अधिवेशन को पत्रकारिता के साथ साहित्य और वैचारिक चेतना से भी जोड़ा।
उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मान समारोह
विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले लोगों और संस्थाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उद्योग, सामाजिक सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तीकरण, योग, विपश्यना और धम्म चेतना के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले महानुभावों को सम्मानित किया गया। साथ ही बिलासपुर के प्रमुख बौद्ध विहारों के प्रतिनिधियों को ‘धम्म चेतना अवार्ड’ से नवाजा गया। सम्मान समारोह का संचालन मनोज बौद्ध ने किया।
“राष्ट्रीय एकता और एकजुटता का संदेश”
अधिवेशन में हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड समेत कई राज्यों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। राष्ट्रीय स्तर पर एमडी व राष्ट्रीय प्रभारी ओमप्रकाश वर्मा और प्रधान संपादक तुषार गायकवाड़ के नेतृत्व में आयोजित इस महाकुंभ ने यह साबित कर दिया कि मूकनायक का यह मंच देश भर के पत्रकारों की साझा जिम्मेदारी और एकजुटता का प्रतीक है।
कार्यक्रम के अंत में छत्तीसगढ़ टीम के सभी पदाधिकारियों, संपादकीय सहयोगियों और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका के लिए आभार व्यक्त किया गया तथा जनहित, सामाजिक न्याय और निष्पक्ष पत्रकारिता के पथ पर निरंतर आगे बढ़ने का संकल्प लिया गया।

