बिलासपुर/विद्याडीह- माता सहोदरा जन कल्याण समिति के तत्वावधान में सतनाम बाड़ा, विद्याडीह में “गुरु अमरदास” जयंती के अवसर पर एक भव्य एवं प्रेरणादायी प्रबोधन कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य परम पूज्य गुरु घासीदास जी के सत्य, समानता और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के साथ-साथ समाज में शिक्षा, नशामुक्ति, महिला सम्मान और युवाओं को जागरूक करना था।

“वक्ताओं ने शिक्षा, संगठन और संविधान पर दिया जोर”
कार्यक्रम की शुरुआत गुरु वंदना और मंगलाचरण से हुई। इसके बाद समाज के प्रमुख प्रबुद्धजनों ने अपने विचार रखे डॉ. दुर्गा प्रसाद मेरसा ने शिक्षा और सामाजिक चेतना को समाज की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए गुरु घासीदास जी के संदेशों को वर्तमान समय में अत्यंत प्रासंगिक बताया।
मालिकराम घृतलहरे जी ने अनुशासन और आपसी सहयोग पर बल देते हुए कहा कि शिक्षा और एकता से ही समाज का विकास संभव है। सौखी चेलके जी (भंडारी, ग्राम विद्याडीह) ने सामाजिक परंपराओं के संरक्षण, सेवा और परस्पर सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।
टेकचंद पांडाल, हरीश पांडाल, ओमप्रकाश कोशले एवं धीरेंद्र कुमार सत्यवेदी जी ने युवाओं के कौशल विकास, रोजगार, संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों, महिला सम्मान तथा नशामुक्ति जैसे विषयों पर सारगर्भित मार्गदर्शन दिया।

“पंथी भजनों की गूंज और गरिमामय संचालन”
कार्यक्रम का संचालन चंद्रिका घृतलहरे जी ने अपनी सहज, प्रेरक और अनुशासित शैली से किया। वहीं, दिलहरन गंगीले एवं उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत किए गए पंथी भजनों और प्रेरणादायी गीतों ने पूरे माहौल को भक्तिमय और ऊर्जावान बना दिया।
“महिला समूह का सराहनीय सेवा कार्य”
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के लिए महाप्रसाद (मीठी खीर) एवं भोजन की व्यवस्था सतनाम बाड़ा की संचालिका कुसुमलता जी और उनके महिला समूह द्वारा की गई। इस व्यवस्था में रागिनी कौशले, रामकली और श्यामप्यारी का विशेष योगदान रहा, जिसकी सभी ने दिल से सराहना की।

“संकल्प के साथ आभार प्रदर्शन
कार्यक्रम के अंत में बसंत जांगड़े जी ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, कलाकारों और ग्रामवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति केवल आयोजनों से नहीं, बल्कि निरंतर सीखने की इच्छा, नशामुक्त जीवन और सकारात्मक सामाजिक भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने सभी से एक शिक्षित, संगठित और जागरूक समाज बनाने का संकल्प लेने का आग्रह किया। इस अवसर पर विद्याडीह और आसपास के अनेक गांवों से बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा और समाज के वरिष्ठजन उपस्थित रहे। सभी ने इस आयोजन की सराहना की और भविष्य में भी ऐसे मार्गदर्शक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही।

