बिलासपुर – छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के व्यापार विहार स्थित त्रिवेणी भवन में रविवार को आस्था और सामाजिक क्रांति का अद्भुत संगम देखने को मिला। जगतगुरु तत्वदर्शी “संत रामपाल जी महाराज” के पावन सानिध्य में आयोजित विशाल सत्संग समागम में हज़ारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति के बीच तीन जोड़े बिना किसी दहेज और आडंबर के परिणय सूत्र में बंधे।

“गुरुवाणी के उच्चारण से मात्र 17 मिनट में विवाह”
आजकल के लाखों-करोड़ों रुपये के खर्चीले विवाहों और दिखावे के दौर में इस आयोजन ने समाज के सामने एक नई मिसाल पेश की है। बिना किसी बैंड-बाजे, बारात, ढोल-नगाड़े या एक रुपये के लेन-देन के महज 17 मिनट में ‘आदर्श रमैणी’ (गुरुवाणी) के उच्चारण के साथ तीन जोड़ों का विवाह संपन्न कराया गया।
“विवाह बंधन में बंधे जोड़े”
1. वर भगत बालक दास (मुंगेली) — वधू: भगतमति परमेश्वरी दासी (मस्तूरी, बिलासपुर)
2. वर भगत अभिमन्यु दास (तखतपुर, बिलासपुर) — वधू भगतमति श्रुति दासी (पथरिया, मुंगेली)
3. वर भगत कार्तिक दास (मुंगेली) — वधू भगतमति मनीषा दासी (तखतपुर, बिलासपुर)
शून्य खर्च में हुए इन विवाहों ने यह साबित कर दिया कि बेटियां बोझ नहीं हैं। नवदंपतियों के परिजनों ने कहा कि संत रामपाल जी महाराज की प्रेरणा से ही यह सादगीपूर्ण और दहेज-मुक्त विवाह संभव हो सका है।

“धर्मग्रंथों के प्रमाणों से गूंजा सत्संग पंडाल”
त्रिवेणी भवन में स्थापित विशाल एलइडी स्क्रीनों के माध्यम से संत रामपाल जी महाराज के सत्संग का सीधा प्रसारण किया गया। सत्संग के दौरान वेद, श्रीमद्भगवद्गीता, पवित्र कुरान, पवित्र बाइबिल और श्री गुरु ग्रंथ साहिब के प्रमाणों के आधार पर बताया गया कि पूर्ण परमात्मा कबीर साहेब हैं। संत जी ने संदेश दिया कि मानव जीवन का मूल उद्देश्य मोक्ष प्राप्त करना है, जो केवल तत्वदर्शी संत की शरण में ही संभव है।
“युवाओं ने लिया नशा-मुक्ति और समाज सुधार का संकल्प”
कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों युवाओं ने नशा, मांसाहार, रिश्वतखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों को हमेशा के लिए त्यागने का संकल्प लिया। मंच से बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और दहेज मुक्त भारत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
इस दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं ने संत रामपाल जी महाराज से निःशुल्क नामदीक्षा ली और ‘ज्ञान गंगा’, ‘जीने की राह’ तथा ‘गीता तेरा ज्ञान अमृत’ जैसी आध्यात्मिक पुस्तकों का निःशुल्क वितरण भी किया गया।
“अनुशासित और शांतिपूर्ण रहा आयोजन”
कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न कराने में सेवादारों की विशेष भूमिका रही। श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क चाय-नाश्ते की उत्तम व्यवस्था की गई थी। आयोजन को सफल बनाने में जिला सेवादार हीराराम साहू, तुलसी साहू, दशरथ केवट सहित समस्त सेवादारों का विशेष योगदान रहा।

