बिलासपुर- 21 जून रविवार को बिलासपुर जिले के मस्तुरी विकासखंड ग्राम पताईडीह में एक दिवसीय विशाल बैठक रखा गया, बैठक का उद्देश्य मस्तुरी ब्लाक में लोगों को प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के द्वारा 2012 से अब तक जो भी विकाश कार्य किया गया है उसको लोगों को बताया गया, ताकि लोग इस संगठन का उद्देश्य को समझ सकें और अधिक से अधिक संख्या में लोगों का जुड़ाव हो सके ताकि सतनामी समाज और अधिक विकास कर सके।

आपको बता दें कि प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश लहरे जी ने बैठक में उपस्थित लोगों को अवगत कराया की पिछले बैठक में हमारे संगठन के द्वारा यह निर्णय लिया गया था जिसमें इस मुख्य 15 बिंदुओं पर चर्चा कि गई जो इस प्रकार है:-1. सामाजिक कार्यक्रम का शुभारंभ गुरु घासीदास जी की आरती से हो, एवं सभी जगहों पर आरती में एकरूपता होनी चाहिए। जैसे पहली आरती जगमग ज्योति…. । 2. प्रत्येक सोमवार को जैतखाम या गुरु घासीदास मंदिर में सामुहिक गुरु वंदना अनिवार्य रूप से किया जाय। 3.सामाजिक कार्यक्रम में हमेशा सफदे वस्त्र धारण करना अनिवार्य होना चाहिए।
4.गुरु घासीदास जी की जयंती 18 दिसम्बर को सभी जगह अनिवार्य रूप से आयोजित होना चाहिए, एवं सादगी पूर्ण मनाया जाय। कार्यक्रम में सतनाम भजन, पंथी चौका आरती का ही आयोजन होना चाहियें, तथा फूहड़ नाच-गाना पूर्ण रूप से वर्जित हो।

5.समाजिक एकजूटता कैसे हो? इसके लिए प्रदेश में क्रियाशील सामाजिक संगठिनों में एकीकरण एवं समन्वय स्थापित करने का प्रयास किया जाएँ।
6.किसी भी सामाजिक कार्यक्रम आयोजन में मांस मंदिरा पूर्णतः वर्जित होना चाहिए।
7.जन्म विवाह एवं मृत्यु संस्कार रिति-रिवाज में परिवर्तन, विवाह में बाराती 4 से 5 बजे संध्या तक पहुँच जाये, संध्या 7 बजे तक पाणीग्रहण तथा प्रितिभोज रात 8 से 11 बजे तक सम्पन्न हो व रात 12 बजे तक विदाई हो जाए।
8.विवाह पूर्व घर देखने 11 लोग सगाई में अधिकतम 21 लोग एवं बाराती में अधिकतम- 101 लोग सम्मिलित हो, गाँठ छोड़ाई की राशि – 1100 सौ रूपये ही लेना चाहिए और जुता छुपाई- पूर्णतः वर्जित होना चाहिए।
9.आर्दश विवाह को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।
10.समाज के सलाह पश्चात जैतखाम का स्थापना करना चाहिए विवाद की स्थित से बचनें का प्रयास हो।

11.कफन कपड़ा सिर्फ परिवार को छोड़कर पूर्णतः प्रतिबंधित कर, केवल आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाए।
12.मृत्यु भोज पूर्णतः प्रतिबंधित हो जरूरी हो तो सामर्थ अनुसार सादा भोजन कराया जाए।
13.समाज में अन्य जाति के वधु अधिकाधिक संख्या में समाज में आ रही है। हमारे समाज के लड़कियों को अन्य समाज में स्वीकार नहीं किया जाता है। अतः यह समाज की गंभीर समस्या के निराकरण के उपाय किया जाए।
14.विवाह विच्छेद एवं अन्य सामाजिक विवादों को सामाजिक स्तर पर ही निराकरण किया जाए।
15.प्रत्येक वर्ष सामाजिक एकजुटजा हेतु एक वार्षिक आम सभा का आयोजन किये जाए।

इसको अपने-अपने गाँव, शहर बस्ती में लागू करने का आग्रह किया गया ताकि समाज एक ही विचारधारा में चले जिससे समाज का विकास तेजी से होगा और समाज में एकजुटता आएगी।
तो वहीं प्रदेश प्रबंध कार्यकारिणी सदस्य सत्येंद्र खूंटे ने बिजनेस के माध्यम से समाज किस तरह से आगे बढ़े इस पर विस्तार पूर्वक चर्चा की और अपना अनुभव साझा किया।

जिला संरक्षक कमल डहरिया और जिला अध्यक्ष डी एल डहरिया ने अपने अनुभव को साझा किया और कहा कि बेटें एवं बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़े और अपने हुनर पर ज़ोर दें।
इस दौरान वरिष्ठ एवं युवा प्रकोष्ठ के सभी पदाधिकारी ने अपने-अपने अनुभव एवं शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, नशा मुक्ति एवं समाज हित में कार्य करने पर जोर दिया।

इस बैठक में संगठन विस्तार को लेकर विशेष रूप से चर्चा की गई, जिसमें मुख्य रूप से समाज को संगठित एवं सशक्त बनाना, सामाजिक शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास को बढ़ावा देना , युवाओं एवं महिलाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना, समाज में एकता भाईचारा एवं अनुशासन स्थापित करना , समाजहित के कार्यों का प्रभावी संचालन करना, सामाजिक एकीकरण हेतु 15 बिंदु को लागू करना, शिक्षा के प्रसार एवं गुणवत्ता में सुधार करना , नशा मुक्ति एवं सामाजिक कुरीतियों का उन्मूलन, स्वरोजगार एवं रोजगार के अवसर बढ़ाना, समाज के सर्वांगीण विकास हेतु योजनाओं का क्रियान्वयन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारों की रक्षा करना ,पर्यावरण संरक्षण एवं स्वच्छता को बढ़ावा देना, सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण एवं प्रचार प्रसार करना ,आपसी सहयोग सेवा समर्पण की भावना विकसित करना , समाज हित में सरकार एवं प्रशासन से संवाद एवं समन्वय स्थापित करना।

बैठक का प्रमुख विषय:- संगठन का विस्तार करना, सदस्यता अभियान चलाना, शिक्षा का प्रचार प्रसार करना, सामाजिक जागरूकता लाना, युवाओं की अधिक से अधिक भागीदारी, महिला सशक्तिकरण पर जोर देना, सामाजिक एकता, अनुशासन एवं मर्यादा में रहना, नशा मुक्ति अभियान चलाना, संस्कार एवं संस्कृति संरक्षण पर जोर देना, आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक सहयोग एवं समन्वय, सामाजिक एकीकरण, समाज हित के कार्यों में निरंतरता लाना।

इस दौरान प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज जिला बिलासपुर युवा प्रकोष्ठ प्रदेश प्रबंध कार्यकारिणी सदस्य सत्येंद्र खूंटे, युवा प्रकोष्ट प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश लहरे प्रदेश, वरिष्ठ प्रकोष्ठ जिला संरक्षक कमल डहरिया, वरिष्ठ प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष डी एल डहरिया, वरिष्ठ प्रकोष्ठ जिला सचिव एल पी जोगी, वरिष्ठ प्रकोष्ट जिला प्रवक्ता जीपी भास्कर,
महिला प्रकोष्ट जिला उपाध्यक्ष उषा भास्कर , युवा प्रकोष्ठ बिलासपुर जिला अध्यक्ष महेंद्र भारद्वाज, महिला प्रकोष्ठ सरस्वती कोरिया , युवा प्रकोष्ठ जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र कुर्रे , युवा प्रकोष्ठ जिला सचिव मुकेश जांगड़े , युवा प्रकोष्ठ बिलासपुर जिला मीडिया प्रभारी अमित पाटले तथा मस्तुरी ब्लाक अध्यक्ष मनोहर कुर्रे व उसकी पूरी टीम युवा प्रकोष्ठ मस्तुरी ब्लाक अध्यक्ष आशीष बर्मन वह उसकी पूरी टीम एवं सैकड़ो की संख्या में मस्तूरी, मल्हार , टेकारी, पचपेड़ी, एवं ग्राम पताईडीह के लोग बैठक में उपस्थित रहे।

