बिलासपुर- रविवार को बिलासपुर में पूर्व मंत्री डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी ने अपने मंगला चौंक स्थित निवास पर एक दिवसीय भोजन पर प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के नवनिर्वाचित पदाधिकारीयों एवं संगठन से जुड़े सभी सदस्यों को भोजन के लिए आमंत्रित किया।

भोजन के पूर्व व उनके बाद बैठक में न केवल समाज के उत्थान पर चर्चा हुई, बल्कि बाबा गुरु घासीदास जी के आध्यात्मिक संदेशों और सांगठनिक मजबूती पर भी विशेष जोर दिया गया।

छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री डॉ. बाँधी जी ने बिलासपुर मंगला चौक स्थित अपने निवास पर इस गरिमामय आयोजन में बाबा गुरु घासीदास जी की आरती-वंदना के पश्चात आध्यात्मिक ज्ञान पर चर्चा की।

इस दौरान प्रबुद्ध वक्ताओं ने बाबा गुरु घासीदास बाबा जी के उपदेशों और उनके अध्यात्म की गहराई को समझने पर जोर दिया।
“जैतखंभ की महत्ता और सत्य का संदेश”
कार्यक्रम में विशेष रूप से ‘जैतखंभ’ की महत्वता को रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि जैतखंभ केवल प्रतीक नहीं, बल्कि सत्य, अहिंसा और समानता का स्तंभ है, इसे समाज के अंतिम व्यक्ति तक सत्य के संदेश को पहुँचाना ही बाबा जी के प्रति सच्ची श्रद्धा होगी।

“नई पीढ़ी और गौरवशाली इतिहास”
बैठक में नई पीढ़ी को अपने महापुरुषों के बारे में सही जानकारी होनी चाहिए इसपर विस्तार पूर्वक चर्चा हुई।
इसके लिए बाबा गुरु घासीदास जी और गुरु बालक दास जी के जीवन चरित्र को सही और प्रामाणिक ढंग से युवाओं तक पहुँचाने का संकल्प लिया गया।

“समाज के इतिहास और बलिदानों को शैक्षिक और सामाजिक माध्यमों से प्रचारित करने पर चर्चा हुई।”
समाज को संगठित करने के लिए वरिष्ठ जनों ने सुझाव दिया कि समाज की शक्ति उसकी एकजुटता में है, इसके लिए प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज को केवल प्रदेश स्तर तक सीमित न रखकर “प्रदेश से जिला, जिला से ब्लॉक और ब्लॉक से खंड स्तर (ग्राम स्तर) तक संगठन का विस्तार किया जाएगा।”
इस ढांचे के माध्यम से समाज की समस्याओं और सरकार की योजनाओं को सीधे जमीनी स्तर तक पहुँचाने का प्रयास होगा।
मुख्य चर्चा के बिंदु:
गोष्ठी के दौरान समाज को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए कई सुझाव साझा किए गए:
शिक्षा और करियर: केवल सरकारी नौकरी ही नहीं, बल्कि बिजनेस और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया।
“बलौदा बाजार घटनाक्रम पर चर्चा”
चर्चा के दौरान बलौदा बाजार आगजनी कांड का मुद्दा भी उठा। समाज के 200 लोगों पर हुई एफआईआर से राहत दिलाने और उन्हें न्याय दिलाने के कानूनी पहलुओं पर सुझाव रखे गए।
महिला सशक्तिकरण: कार्यक्रम में महिलाओं ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और समाज के विकास में अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

कार्यक्रम में मौजूद समाज के वरिष्ठ जनों ने एक बेहद महत्वपूर्ण बात कही उन्होंने आग्रह किया कि वर्तमान में समाज कई संगठनों में बंटा हुआ है। यदि समाज के सभी वर्ग एक ही बैनर और एक ही संगठन के माध्यम से अपनी बात सरकार के सामने रखेंगे, तभी इसके सार्थक और दूरगामी परिणाम सामने आएंगे।

इस दौरान प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के प्रदेश अध्यक्ष एल एल कोसले जी, महासचिव मोहन बंजारे जी, डॉ. बसंत अंचल जी, दिनेश बंजारे जी, प्रदीप श्रृंगी जी, दिनेश लहरे, सत्येंद्र खूंटे, धरम डहरिया, महेंद्र भारद्वाज सहित जिले के समस्त नवनिर्वाचित पदाधिकारी, वकील , शिक्षक ,अधिकारी कर्मचारी, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी, व्यापारी, साहित्यकार, बिजनेसमैन सहिंत सैकड़ो की संख्या में प्रगतिशील छत्तीसगढ़ सतनामी समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

