बिलासपुर- रविवार को बिलासपुर ज़िले के ग्राम विद्याडीह कुटेला स्थित सतनाम बाड़ा में एक अत्यंत प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह कार्यक्रम 4 नवंबर 2025 को बिलासपुर और गतौरा के बीच हुए रेल हादसे में घायल यात्रियों की जान बचाने वाले वीर योद्धाओं को सम्मानित करने के लिए रखा गया था।

सतनाम बाड़ा में सैकड़ों की संख्या में लोग उपस्थित थे सम्मान समारोह के दौरान, सतनाम बाड़ा के सदस्यों ने मीडिया को बताया कि यह आयोजन गुरु अगम दास जी की जयंती के शुभ अवसर पर किया गया।

इस अवसर पर विशेष रूप से ग्राम ढेंका के युवाओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपनी जान की परवाह न करते हुए घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया, बचाए गए लोगों में 2 साल का एक नन्हा मासूम भी शामिल था।

“ज्ञान प्रतियोगिता और सामाजिक संदेश”
सम्मान समारोह के साथ-साथ, सतनाम बाड़ा में नन्हे बालक-बालिकाओं के लिए सतनाम ज्ञान प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया।

सतनाम बाड़ा के सदस्यों ने मीडिया को बताया कि उनका उद्देश्य उन सभी व्यक्तियों को सही मार्ग दिखाना है जो सतनाम को जानना चाहते हैं और सत्य के रास्ते पर चलना चाहते हैं। बाड़ा में हर सप्ताह बड़ी संख्या में लोग आकर ज्ञान अर्जित करते हैं।
“सामाजिक समरसता का आह्वान”
इस कार्यक्रम के दौरान, दिलहरण गांगिले ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता बनाए रखने पर ज़ोर दिया।
दिलहरण गांगिले कहा कि वर्तमान समय में छत्तीसगढ़ में भाषा बोली को लेकर जिस तरह से एक दूसरे समाज को अपशब्द कहकर उनके आत्म सम्मान को ठेस पहुंचाने का कार्य हो रहा है, वह उचित नहीं है। बाबा गुरु घासीदास जी ने ‘मानव मानव एक समान’ का संदेश दिया है। ऐसे में एक दूसरे के भाषा बोली को लेकर आपस में लड़ना-झगड़ना सहीं नहीं है।
यह सम्मान समारोह और सामाजिक संदेश हमें यह याद दिलाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी मानवता की सेवा और आपसी सद्भाव सबसे महत्वपूर्ण है।

