बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध सूफी संत हजरत इंसान अली बाबा दरगाह, लुतरा शरीफ के मुख्य खादिम उस्मान खान को सीपत पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। विद्युत अधिनियम की धारा 135 और 138 के तहत वर्ष 2023 में दर्ज मामले में उनके खिलाफ स्थाई वारंट जारी था। पुलिस ने वारंट की तामील करते हुए उन्हें न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से जमानत मिलने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में जिलेभर में फरार वारंटियों की धरपकड़ के लिए ऑपरेशन प्रहार चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत सीपत पुलिस ने पिछले 15 दिनों में कुल 11 स्थाई वारंटियों को पकड़कर संबंधित न्यायालयों में पेश किया है। इनमें उस्मान खान का नाम भी शामिल है।
“विद्युत अधिनियम के मामले में जारी था वारंट”
उस्मान खान, पिता मान खान, ग्राम लुतरा थाना सीपत क्षेत्र के निवासी हैं और हजरत इंसान अली बाबा दरगाह के मुख्य खादिम के रूप में पहचाने जाते हैं। उनके खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 135 एवं 138 के तहत वर्ष 2023 में मामला दर्ज हुआ था। इस प्रकरण में जारी स्थाई वारंट की तामील करते हुए सीपत पुलिस ने उन्हें न्यायालय में पेश किया। न्यायालय से उन्हें जमानत मिलने की जानकारी है। मामले में आरोपों और न्यायालय की कार्यवाही के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना शेष है।
“15 दिनों में 11 स्थाई वारंटियों पर कार्रवाई”
सीपत पुलिस द्वारा जारी प्रेस-नोट के मुताबिक, ऑपरेशन प्रहार के तहत 21 अक्टूबर 2026 को तीन स्थाई वारंटियों को पकड़कर न्यायालय में पेश किया गया। इससे पहले आठ अन्य स्थाई वारंटियों को भी पकड़ा गया था। इस तरह 15 दिनों के भीतर कुल 11 स्थाई वारंटियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वारंटियों की धरपकड़ का अभियान लगातार जारी रहेगा और न्यायालय से जारी वारंटों की तामील के लिए आगे भी कार्रवाई की जाएगी। विद्युत अधिनियम के तहत दर्ज मामला और स्थाई वारंट की तामील न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। किसी मामले में आरोप दर्ज होना अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं है।

