छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर में पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। बिलासपुर पुलिस ने हाईवे किनारे खड़ी ट्रकों और ट्रेलरों से डीजल लूटने वाले एक बेहद शातिर और संगठित अंतर-जिला गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के 3 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो रात के अंधेरे में स्कार्पियो और रेनॉल्ट ट्राइबर जैसी गाड़ियों से निकलकर लूटपाट और चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। क्षेत्र में लगातार हो रही डीजल चोरी और लूट की वारदातों को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनेश सिंह के निर्देश पर ACCU, थाना सिरगिट्टी और थाना कोनी स्टाफ की एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों के जाल की मदद से रेड कार्रवाई करते हुए जांजगीर-चांपा जिले के तीन आरोपियों को दबोच लिया।

“गिरफ्तार आरोपियों के नाम”
संजय कुमार उम्र 30 वर्ष, मणीशंकर उम्र 24 वर्ष और अमित उम्र 29 वर्ष ये सभी ग्राम बगडबरी, थाना बलौदा, जिला जांजगीर-चांपा के निवासी हैं।
“विरोध करने पर करते थे मारपीट, चाकू से डराया”
इस गिरोह का आतंक इतना था कि चोरी का विरोध करने पर ये प्रार्थी के साथ मारपीट करने से भी गुरेज नहीं करते थे 18 मई को सिरगिट्टी में बेवरेज कॉर्पोरेशन के सामने डीजल चोरी का विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट की थी, 24 मई को थाना कोनी क्षेत्र में आरोपियों ने ट्रेलर की टंकी तोड़कर करीब 100 लीटर डीजल लूटा और फरार हो गए, 28 मार्च को सेंदरी नेशनल हाईवे के पास से करीब 25,000 रुपये कीमत का 270 लीटर डीजल पार कर दिया था।
“लूट के पैसों से ऐश और कई जिलों में नेटवर्क”
कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने बिलासपुर के अलावा बेमेतरा, बलौदाबाजार, कवर्धा, महासमुंद, रायगढ़, कोरबा, सकरी बायपास, सरगांव और जांजगीर हाईवे क्षेत्रों में भी इसी तरह की कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।

“क्या-क्या हुआ जप्त”
घटना में इस्तेमाल की जाने वाली सफेद रंग की स्कॉर्पियो वाहन, वारदात में प्रयुक्त रेनॉल्ट ट्राइबर वाहन, एक धारदार चाकू जिससे डराकर लूट करते थे और 2600 रुपये नगद व 74 लीटर डीजल।
“गंभीर धाराओं में मामला दर्ज, बाकी सदस्य भी जल्द अंदर”
बिलासपुर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नए कानून बीएनएस (BNS) की धारा 303(2), 111, 309(4), 3(5) एवं 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
पुलिस प्रशासन का कहना है कि इस गिरोह के अन्य सदस्यों की भी पहचान कर ली गई है फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही इस पूरे आपराधिक सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ फेंका जाएगा।

