बिलासपुर शहर की यातायात व्यवस्था और ई-रिक्शा चालकों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ड्रेस कोड और लाइसेंस की अनिवार्यता को लेकर प्रशासन की सख्ती के बीच, अब ऑटो चालकों को राहत की सांस मिली है। कांग्रेस नेताओं के हस्तक्षेप और पुलिस अधीक्षक की संवेदनशीलता के बाद, अब चालकों को जरूरी दस्तावेज और ड्रेस कोड दुरुस्त करने के लिए अतिरिक्त समय दे दिया गया है।
दरअसल, बिलासपुर महानगर में लगभग 10,000 से ज्यादा ई-रिक्शा चालक हैं। यातायात विभाग ने इन्हें 25 अप्रैल तक ड्रेस कोड का पालन करने और लाइसेंस बनवाने की चेतावनी दी थी, जिसके बाद लगातार कार्रवाई की जा रही थी। इस सख्ती से घबराए चालकों ने अपनी आर्थिक समस्याओं को लेकर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय समन्वयक त्रिलोकचंद श्रीवास से संपर्क किया।
चालकों का कहना था कि उनमें से 90 प्रतिशत लोग गरीब परिवारों से आते हैं और महज 2-3 दिनों के भीतर ड्रेस और लाइसेंस का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं था। उन्होंने मांग की थी कि यदि 10 दिन का अतिरिक्त समय मिल जाए, तो वे नियमों का पालन करने में सक्षम होंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस नेता त्रिलोकचंद श्रीवास के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। इस दौरान प्रमोद नायक(वरिष्ठ कांग्रेस नेता),
अभय नारायण राय (प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता), राजेंद्र शुक्ला (वरिष्ठ नेता) की मौजूदगी में बिलासपुर पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए संवेदनशीलता का
परिचय दिया। उन्होंने ई-रिक्शा चालकों की मांगों को स्वीकार करते हुए ड्रेस कोड और लाइसेंस बनवाने की अंतिम तिथि 5 मई तक बढ़ा दी है।
नाबालिगों द्वारा रिक्शा चलाने और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया।
यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने और दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए जल्द ही ऑटो चालकों की एक बड़ी कार्यशाला (Workshop) आयोजित करने की बात कही।
इस दौरान ई रिक्शा संघ के अध्यक्ष संजय खुरशैल, दुर्गा साहू, रफीक खान, राजा श्रीवास और नायडू समेत सैकड़ों की संख्या में चालक उपस्थित थे। समय सीमा बढ़ने पर ई-रिक्शा संघ ने कांग्रेस नेताओं और पुलिस अधीक्षक का आभार व्यक्त किया है।
प्रशासन के इस फैसले से जहां एक ओर हजारों गरीब चालकों को आर्थिक राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर 5 मई के बाद नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की तलवार भी लटकी हुई है।

