बिलासपुर – न्यायधानी बिलासपुर के नॉर्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट (NEI) में भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की 135वीं जयंती पूरे हर्षोल्लास के साथ 14 अप्रैल को मनाई गई। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) और अखिल भारतीय एससी/एसटी एम्प्लॉईज एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य समारोह में रेलवे के आला अधिकारियों ने बाबा साहब के सिद्धांतों को याद किया और समाज को ‘शिक्षित और संगठित’ होने का संदेश दिया।

14 अप्रैल की सुबह से ही नॉर्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट में भारी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम का आगाज सुबह 11:00 बजे बच्चों के लिए आयोजित पेंटिंग और लेखन प्रतियोगिता रखी गई,

नन्हे बच्चों ने अपनी तूलिका और कलम के माध्यम से बाबा साहब के जीवन संघर्ष और उनके विचारों को बेहद खूबसूरती से कागज़ पर उतारा।

“दीप प्रज्ज्वलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां”
शाम को आयोजित मुख्य समारोह में SECR के महाप्रबंधक (GM) तरुण प्रकाश मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी आदित्य कुमार और मंडल रेल प्रबंधक (DRM) राकेश रंजन विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
अतिथियों ने बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की विधिवत शुरुआत की।
इस दौरान बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और संगीत की प्रस्तुतियों से उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
“अधिकारियों का संदेश: ‘संविधान ही हमारी असली शक्ति”
मीडिया से चर्चा करते हुए रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने बाबा साहब के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त की,
GM तरुण प्रकाश ने कहा बाबा साहब ने महिलाओं, श्रमिक वर्ग और पिछड़ों के लिए जो संवैधानिक अधिकार दिए हैं, हम उनके ऋणी हैं। उनका जीवन संघर्ष हमें सिखाता है कि विपरीत परिस्थितियों में भी कैसे महानता हासिल की जाती है। हमारा प्रयास है कि हम उनकी शिक्षाओं को आत्मसात करें।
DRM राकेश रंजन ने आगे कहा कि अंबेडकर जी ने जिस चरित्र और संविधान का निर्माण किया है, उसे हमें अपने जीवन में उतारना चाहिए। समाज को शिक्षित और संगठित करने में हम जो भी योगदान दे सकें, वही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
“सामाजिक समरसता की मिसाल”
कार्यक्रम के आयोजक और अखिल भारतीय एससी/एसटी एम्प्लॉईज एसोसिएशन (SECR) के जोनल सचिव “प्रभात पासवान” ने आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबा साहब की जयंती केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि मानव जीवन जीने का सही रास्ता सीखने का संकल्प है। उन्होंने पीसीपीओ आदित्य कुमार, एडीआरएम मीना और अन्य अधिकारियों की उपस्थिति के लिए आभार व्यक्त किया।
“समापन”
कार्यक्रम का समापन एक भव्य सामूहिक रात्रि भोज के साथ हुआ, जिसमें रेलवे परिवार के सैकड़ों सभी सदस्यों ने एकजुट होकर भाईचारे और सामाजिक समरसता का परिचय दिया।

