बिलासपुर के लिंगियाडीह स्थित अपोलो अस्पताल के पास बसी अयोध्या विहार कॉलोनी के रहवासी इन दिनों गंभीर समस्याओं से जूझ रहे हैं। कॉलोनी में पार्किंग की किल्लत तो आम बात हो गई है, लेकिन अब यहाँ सुरक्षा को लेकर ऐसा बड़ा सवाल खड़ा हो गया है, जिसने लोगों की रातों की नींद उड़ा दी है।”

“मिली जानकारी के मुताबिक, कॉलोनी के कुछ मकानों में तय सीमा से ज्यादा—यानी तीन से चार गाड़ियां खड़ी की जा रही हैं, जिससे संकरी गलियों में आवागमन पूरी तरह बाधित हो रहा है। लेकिन इससे भी ज्यादा खतरनाक बात यह है कि एक किराए के मकान में घरेलू गैस सिलेंडरों से लदा एक टेंपो रोजाना रात के वक्त लाकर खड़ा किया जाता है।”
“रहवासियों का कहना है कि वे लगातार इस बात का विरोध कर रहे हैं और वाहन चालकों को कई बार समझाइश भी दी जा चुकी है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोगों में इस बात का गहरा डर है कि रिहायशी इलाके में इस तरह गैस सिलेंडरों से भरा वाहन खड़ा करना कभी भी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकता है।”
“मकान मालिकों की अनदेखी और स्थानीय लोगों का रुख”
“फोटो में साफ देखा जा सकता है की किस तरह से गलत ढंग से गाड़ियों को पार्क किया गया है, जिन मकानों में यह सब हो रहा है, उनके मालिक शिवरीनारायण में रहते हैं और उन्होंने अपने मकान किराए पर दिए हुए हैं। किराएदार अपनी मनमानी कर रहे हैं और मकान मालिकों को इसकी भनक तक नहीं है।”
“फिलहाल, कॉलोनी के लोग आपसी बातचीत और समझाइश के जरिए ही मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। अब तक सरकंडा थाने में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, लेकिन लोगों का सब्र अब जवाब देता नजर आ रहा है।”
“अब बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या किराए के मकानों में रहने वालों पर लगाम कसने के लिए मकान मालिक आगे आएंगे?
क्या सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर खड़े किए जाने वाले गैस टेंपो पर समय रहते रोक लगेगी?
और यदि आपसी समझाइश से बात नहीं बनी, तो क्या सरकंडा थाना पुलिस इस मामले में हस्तक्षेप करेगी?
“कॉलोनीवासी अब प्रशासन और जिम्मेदार लोगों से त्वरित कार्रवाई की मांग करने कि बात कही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।”

